सुप्रीम कोर्ट का आदेश – सरकार को देना होगा सभी SC/ ST कर्मचारियों को आरक्षण

भारत सुप्रीम कोर्ट का आदेश – सरकार को देना होगा सभी एसी व एसटी कर्मचारियों को आरक्षण  –  आज हम सभी उन अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों के लिए बहुत अच्छी खबर देना चाहते है जिनको आरक्षण नहीं दिया जाता था परन्तु आज भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए बहुत अहम फैसले के आनुसार सभी SC/ST कर्मचारियों को आरक्षण प्रदान करने की अनुमति दे दी है सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर एएनआई का कहना है कि यह फैसला तब तक प्रभावी है जब तक संविधान बेंच इस मामले का हल नहीं निकल लेता है

अब सरकार को देना होगा सभी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों को आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट के इस एतिहासिक फैसले से सभी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्गों के कर्मचारियों में खुशी की लहर है खबरों के आनुसार, भारतीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस फैसले को सुनने हेतु कर्नाटक राज्य के प्रावधान को रोक दिया था

भारत की शीर्ष अदालत का कहना है कि पदोन्नति के लिए सभी एसी व एसटी वर्गों को आरक्षण प्रदान करने से पहले सरकारों को सबसे पहले “प्रतिनिधित्व, पिछड़ापन और समग्र दक्षता की अपर्याप्तता” का अध्ययन करना भी चाहिए।

कर्नाटक की सरकार द्वारा सभी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों समन्वय समिति ने बेंगलुरु में 15 जून को राज्य में रैली आयोजित करने का फैसला किया है देश के राष्ट्रपति से सहमति प्राप्त करने हेतु कर्नाटक सरकार द्वारा इस रैली को शुरू किया गया है जोकि कि राज्य में सरकारी नौकरियों का विस्तार करना है।

केंद्र सरकार बनाम सुप्रीम कोर्ट

इस वर्ष के अप्रैल के महीने में भारत सरकार के मंत्री अर्थात भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी श्री राम विलास पासवान द्वारा यह कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने से पहले दक्षता और पिछड़ेपन के सम्पूर्ण अध्ययन हेतु अपने फैसले को वापस लेने के लिए कदम उठाएगी। इसके साथ ही केंद्र मंत्री का मानना यह भी है कि देश के सुप्रीम कोर्ट लिए गए फैसले से सभी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के नागरिको को प्रोत्साहन देने में कमी आई है

एसी/ एसटी अधिनियम (अत्याचार रोकथाम) पर देश के सुप्रीम कोर्ट अर्थात शीर्ष अदालत द्वारा लिए गए इस फैसले की समीक्षा की मांग केंद्र सरकार जारी याचिका का पालन करती है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कानून के अंतर्गत, एक सरकारी कर्मचारियों को तब तक हिरासत में रखा जाएगा। जब तक उसकी प्रारंभिक जांच नहीं हो जाती है

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